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तुम्बाड (2018) फिल्म पोस्टर

हॉरर · फैंटेसी · ड्रामा

तुम्बाड (2018)

Tumbbad

12 अक्टू॰ 2018108 मिनटहिन्दी

महाराष्ट्र के तुम्बाड गाँव में विनायक नाम का लालची आदमी एक छिपे हुए पुश्तैनी ख़ज़ाने के पीछे पड़ जाता है, जो एक लोभी देवता की स्थानीय कथा से जुड़ा है। यह लोक-हॉरर कहानी दिखाती है कि यह एक सनक कई सालों में उसके फ़ैसलों को कैसे गढ़ती है।

संपादकीय प्रीव्यू: आधिकारिक जानकारी, ट्रेलर और सार्वजनिक स्रोतों के आधार पर लिखा गया — पूरी फिल्म देखकर नहीं। इस लेख का चित्र मौलिक एआई-निर्मित कलाकृति है, फिल्म का दृश्य नहीं। पोस्टर उसके अधिकार-धारकों का है।

कहानी

महाराष्ट्र के तुम्बाड गाँव में विनायक नाम का लालची आदमी एक छिपे हुए पुश्तैनी ख़ज़ाने के पीछे पड़ जाता है, जो एक लोभी देवता की स्थानीय कथा से जुड़ा है। यह लोक-हॉरर कहानी दिखाती है कि यह एक सनक कई सालों में उसके फ़ैसलों को कैसे गढ़ती है।

तुम्बाड 2018 आज भी क्यों खोजी जाती है

तुम्बाड 2018 हिंदी में बनी भारतीय लोक-हॉरर फ़िल्म है (विकिपीडिया मराठी भी सूचीबद्ध करता है)। इसका प्रीमियर 75वें वेनिस अंतरराष्ट्रीय फ़िल्म समारोह के क्रिटिक्स वीक सेक्शन में हुआ और फिर यह 12 अक्टूबर 2018 को भारत के सिनेमाघरों में आई। यह नई फ़िल्म नहीं है, इसलिए यह पन्ना उन लोगों के लिए पृष्ठभूमि की तरह है जो इसे पहली बार या दोबारा देखने जा रहे हैं।

कहानी महाराष्ट्र के गाँव तुम्बाड की एक स्थानीय कथा पर टिकी है, जो लोभ से जुड़े एक देवता के बारे में है। विकिपीडिया के अनुसार फ़िल्म की कहानी का स्रोत लेखक नारायण धारप हैं। यह जानना इसलिए काम का है कि फ़िल्म क्षेत्रीय कथा-परंपरा पर बनी है, मुख्यधारा की हॉरर के राक्षस और अचानक डराने वाले ढर्रे पर नहीं।

रात में बारिश से भीगी महाराष्ट्र के गाँव की गली की चित्रकला, पुराना ढहता वाड़ा और हल्की लालटेन की रोशनी
चित्रण: मानसूनी गाँव की गली, जो फ़िल्म के परिवेश की याद दिलाती है।

किसने बनाई यह फ़िल्म

विकिपीडिया पर निर्देशक के रूप में राही अनिल बर्वे का नाम है और आनंद गांधी को सह-निर्देशक लिखा गया है; वेनिस जैसी दूसरी लिस्टिंग में बर्वे के साथ आदेश प्रसाद का नाम है, यानी निर्देशन का क्रेडिट स्रोत के हिसाब से बदलता है। लेखकों में बर्वे, गांधी, आदेश प्रसाद और मितेश शाह सूचीबद्ध हैं। सोहम शाह विनायक राव की मुख्य भूमिका में हैं और निर्माताओं में भी हैं; उनके साथ आनंद एल. राय, आनंद गांधी, मुकेश शाह और अमिता शाह के नाम हैं।

संगीत में पार्श्व स्कोर जेस्पर काइड का है और गाने अजय-अतुल के नाम दर्ज हैं। कलाकारों की सूची अलग-अलग डेटाबेस में अलग है, इसलिए हम सिर्फ़ वही नाम दे रहे हैं जो विकिपीडिया में हैं: सोहम शाह के साथ अनीता दाते-केलकर, रोंजिनी चक्रवर्ती, दीपक दामले और मोहम्मद समद।

लंबी बनावट और परदे पर उसका असर

विकिपीडिया के अनुसार शूटिंग 2012 में शुरू हुई, पर फ़िल्म को दोबारा लिखा और दोबारा फ़िल्माया गया, और शूटिंग मई 2015 में पूरी हुई। बताया गया है कि इसे ज़्यादातर प्राकृतिक रोशनी और मानसून जैसे माहौल में शूट किया गया और मुख्य जीव के लिए भारी प्रोस्थेटिक्स इस्तेमाल हुए। ये उत्पादन के तथ्य हैं, राय नहीं, और इन्हें देखने का एक नज़रिया भी देते हैं: बनावट, बारिश, कीचड़ और मद्धम भीतरी दृश्यों पर ध्यान दें तो आप वही चुनाव देख रहे हैं जो टीम ने कथित तौर पर जान-बूझकर किए।

हमने यहाँ फ़िल्म की समीक्षा नहीं की है, इसलिए यह नहीं कह रहे कि ये चुनाव कितने सफल हैं। यह भी ध्यान रखें कि बजट और कालखंड (1918 या उन्नीसवीं सदी) जैसे छोटे ब्योरों पर स्रोत एकमत नहीं हैं, इसलिए किसी एक आँकड़े पर आँख मूँदकर भरोसा न करें।

आज इसका स्थान और किसके लिए है

विकिपीडिया के अनुसार 13 सितंबर 2024 को फ़िल्म भारतीय सिनेमाघरों में दोबारा रिलीज़ हुई और उसी समय सीक्वल तुम्बाड 2 की पुष्टि की बताई गई है। जिन स्रोतों को हमने पढ़ा उनमें मौजूदा स्ट्रीमिंग प्लेटफ़ॉर्म की पुष्टि नहीं मिली, इसलिए देखने की योजना से पहले किसी ताज़ा लिस्टिंग में जाँच लें; हम बिना पुष्टि के किसी सेवा का नाम नहीं लिख रहे।

विकिपीडिया और आईएमडीबी प्रो में अवधि 108 मिनट दी गई है, हालाँकि कुछ लिस्टिंग 104 कहती हैं, यानी लगभग पौने दो घंटे की उम्मीद रखें। जिन्हें धीमी, माहौल वाली हॉरर पसंद है जिसमें लोककथा डर का स्रोत बनती है, और जो दशकों में फैली लालच की कहानी स्वीकार कर सकते हैं, उनके लिए यह स्वाभाविक चुनाव है। जिन्हें लगातार चौंकाने वाले डर चाहिए, वे पहले इसके बारे में पढ़ लें।

किसे पसंद आएगी तुम्बाड?

  • लोक-हॉरर प्रेमी जिन्हें चौंकाने से ज़्यादा माहौल और मिथक पसंद हैं
  • घोषित सीक्वल से पहले भारतीय हॉरर को परखने के इच्छुक दर्शक
  • सिनेमा के विद्यार्थी जो लंबे और बार-बार दोबारा बने प्रोडक्शन में रुचि रखते हैं

ट्रेलर

कलाकार

  • Sohum Shah Vinayak Rao
  • Anita Date-Kelkar
  • Ronjini Chakraborty
  • Deepak Damle
  • Mohammad Samad

सवाल-जवाब

तुम्बाड कब रिलीज़ हुई और क्या यह दोबारा रिलीज़ हुई?

विकिपीडिया के अनुसार वेनिस के क्रिटिक्स वीक प्रीमियर के बाद यह 12 अक्टूबर 2018 को भारतीय सिनेमाघरों में आई और 13 सितंबर 2024 को दोबारा रिलीज़ हुई।

तुम्बाड में मुख्य भूमिका कौन निभा रहा है?

सोहम शाह विनायक राव की भूमिका में हैं और निर्माताओं की सूची में भी उनका नाम है।

तुम्बाड कब रिलीज़ हुई?

तुम्बाड 12 अक्टू॰ 2018 को रिलीज़ हुई।

तुम्बाड के निर्देशक कौन हैं?

तुम्बाड के निर्देशक Rahi Anil Barve हैं।

तुम्बाड कितनी लंबी है?

तुम्बाड की अवधि 108 मिनट है।

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