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ओये लकी! लकी ओये! (2008) फिल्म पोस्टर

कॉमेडी · क्राइम

ओये लकी! लकी ओये! (2008)

Oye Lucky Lucky Oye

28 नव॰ 2008122 मिनटहिन्दी

ओये लकी! लकी ओये! दिल्ली के एक शातिर चोर लकी की हिंदी क्राइम कॉमेडी है, जिसमें उसकी उलझी किशोरावस्था से लेकर दुस्साहसी चोरियों वाले करियर तक का सफ़र है, जबकि एक अड़ियल पुलिस अफ़सर उसके क़रीब पहुँचता जाता है।

संपादकीय प्रीव्यू: आधिकारिक जानकारी, ट्रेलर और सार्वजनिक स्रोतों के आधार पर लिखा गया — पूरी फिल्म देखकर नहीं।

कहानी

ओये लकी! लकी ओये! दिल्ली के एक शातिर चोर लकी की हिंदी क्राइम कॉमेडी है, जिसमें उसकी उलझी किशोरावस्था से लेकर दुस्साहसी चोरियों वाले करियर तक का सफ़र है, जबकि एक अड़ियल पुलिस अफ़सर उसके क़रीब पहुँचता जाता है।

ओये लकी लकी ओये 2008: देखने से पहले क्या जानें

ओये लकी लकी ओये 2008 दिबाकर बनर्जी की निर्देशक के रूप में दूसरी फ़ीचर फ़िल्म है। यह हिंदी क्राइम कॉमेडी उर्मि जुवेकर के साथ मिलकर बनर्जी ने लिखी है, और संवाद अभिनेता मनु ऋषि के नाम पर दर्ज हैं। अभय देओल ने लोविंदर सिंह उर्फ़ लकी का किरदार निभाया है, एक ऐसा चोर जिसके लिए दूसरों की ज़िंदगी में बातों से घुस जाने का हुनर उतना ही अहम है जितना चोरी करने की कला।

कहानी लकी को किशोरावस्था से, जहाँ बचपन के लकी का किरदार मंजोत सिंह ने किया है, वयस्क जीवन तक ले जाती है और एक पुलिस अफ़सर के साथ आँख-मिचौली का मुक़ाबला खड़ा करती है। हम यहीं तक बताएँगे; फ़िल्म का मज़ा उसके प्रसंगों और किरदारों में है, और ब्यौरा देने से वह बिगड़ जाएगा।

विकिपीडिया के अनुसार कहानी दिल्ली के विकासपुरी के देविंदर सिंह उर्फ़ बंटी से प्रेरित है, जिसे सुपर-चोर बताया गया है। फ़िल्म ऐसे व्यक्तित्व को वृत्तचित्र की जगह महत्वाकांक्षा और भूख का हास्यपूर्ण, दिल्ली के रंग वाला चित्र बना देती है।

कलाकार और तकनीकी टीम

परेश रावल तिहरी भूमिका में हैं: जनी सिंह, गोगी अरोड़ा और डॉ. बी. डी. हांडा। नीतू चंद्रा सोनल, मनु ऋषि बंगाली और विकी, अर्चना पूरन सिंह कमलेश हांडा और ऋचा चड्ढा डॉली के रूप में दर्ज हैं। निर्माता रॉनी स्क्रूवाला हैं और फ़िल्म यूटीवी मोशन पिक्चर्स की है।

गीत स्नेहा खानवलकर ने बनाए हैं और पार्श्व संगीत ध्रुव ढल्ला का है। क्रेडिट में टाइटल गीत, जिसे मीका सिंह ने गाया है, के साथ जुगनी और सुपरचोर जैसे ट्रैक दर्ज हैं। इस एल्बम पर खानवलकर का काम श्रोता अक्सर अलग से भी खोजते हैं।

विकिपीडिया में अवधि 122 मिनट बताई गई है; दूसरे डेटाबेस इसे दो घंटे से लेकर दो घंटे छह मिनट के बीच बताते हैं, इसलिए किसी एक संख्या को अनुमान ही मानें।

रिलीज़, मान्यता और कहाँ देखें

फ़िल्म 28 नवंबर 2008 को भारत में रिलीज़ हुई। रिपोर्टों के अनुसार यह उसी महीने हुए मुंबई हमलों के ठीक बाद आई, और आम तौर पर अच्छी समीक्षाओं के बावजूद इस समय का असर इसकी बॉक्स ऑफ़िस कमाई पर पड़ा।

इसे 2009 में सर्वश्रेष्ठ लोकप्रिय फ़िल्म (स्वस्थ मनोरंजन देने वाली) का राष्ट्रीय फ़िल्म पुरस्कार मिला। मनु ऋषि को फ़िल्मफ़ेयर क्रिटिक्स और आईफ़ा में सर्वश्रेष्ठ संवाद का सम्मान मिला, और मंजोत सिंह को अभिनय के लिए फ़िल्मफ़ेयर क्रिटिक्स पुरस्कार दिया गया। ये बातें फ़िल्म के सार्वजनिक रिकॉर्ड से ली गई हैं, हमारी अपनी राय नहीं।

मौजूदा स्ट्रीमिंग सेवा की हम पुष्टि नहीं कर सके। अगर आप इसे खोजने की सोच रहे हैं तो यह उन दर्शकों के लिए है जिन्हें दिल्ली के लहजे वाली, किरदार-प्रधान व्यंग्यात्मक हिंदी कॉमेडी पसंद है और जिन्हें साफ़-सुथरे नैतिक संदेश की ज़रूरत नहीं। हमने इसे नहीं देखा है, इसलिए यह नहीं कह सकते कि चुटकुले कितने असर करते हैं।

किसे पसंद आएगी ओये लकी! लकी ओये!?

  • स्थानीय रंग वाली व्यंग्यात्मक हिंदी कॉमेडी पसंद करने वाले दर्शक
  • अभय देओल, परेश रावल या दिबाकर बनर्जी के प्रशंसक
  • स्नेहा खानवलकर के संगीत में दिलचस्पी रखने वाले श्रोता

ट्रेलर

कलाकार

फोटो: TMDB

सवाल-जवाब

क्या ओये लकी! लकी ओये! सच्ची कहानी पर आधारित है?

विकिपीडिया के अनुसार यह दिल्ली के विकासपुरी के देविंदर सिंह उर्फ़ बंटी से प्रेरित है, जिसे सुपर-चोर बताया गया है। फ़िल्म हास्यपूर्ण काल्पनिक रूपांतरण है, डॉक्यूमेंट्री नहीं।

ओये लकी! लकी ओये! ने कौन से पुरस्कार जीते?

इसने 2009 का सर्वश्रेष्ठ लोकप्रिय फ़िल्म (स्वस्थ मनोरंजन) का राष्ट्रीय पुरस्कार जीता, और मनु ऋषि को फ़िल्मफ़ेयर क्रिटिक्स तथा आईफ़ा में सर्वश्रेष्ठ संवाद का सम्मान मिला।

ओये लकी! लकी ओये! कब रिलीज़ हुई?

ओये लकी! लकी ओये! 28 नव॰ 2008 को रिलीज़ हुई।

ओये लकी! लकी ओये! के निर्देशक कौन हैं?

ओये लकी! लकी ओये! के निर्देशक Dibakar Banerjee हैं।

ओये लकी! लकी ओये! कितनी लंबी है?

ओये लकी! लकी ओये! की अवधि 122 मिनट है।

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