
कॉमेडी · ड्रामा
लगे रहो मुन्ना भाई (2006)
Lage Raho Munna Bhai
1 सित॰ 2006145 मिनटहिन्दी
मुंबई का गुंडा मुन्ना भाई एक रेडियो जॉकी को प्रभावित करने के लिए ख़ुद को गांधी का जानकार बता देता है। नींद और दबाव के बीच उसे गांधी दिखने लगते हैं, जो उसे हिंसा के बिना दूसरों की समस्याएँ सुलझाने की राह दिखाते हैं। राजकुमार हिरानी की यह 2006 की हिंदी कॉमेडी-ड्रामा है।
संपादकीय प्रीव्यू: आधिकारिक जानकारी, ट्रेलर और सार्वजनिक स्रोतों के आधार पर लिखा गया — पूरी फिल्म देखकर नहीं। इस लेख का चित्र मौलिक एआई-निर्मित कलाकृति है, फिल्म का दृश्य नहीं। पोस्टर उसके अधिकार-धारकों का है।
कहानी
मुंबई का गुंडा मुन्ना भाई एक रेडियो जॉकी को प्रभावित करने के लिए ख़ुद को गांधी का जानकार बता देता है। नींद और दबाव के बीच उसे गांधी दिखने लगते हैं, जो उसे हिंसा के बिना दूसरों की समस्याएँ सुलझाने की राह दिखाते हैं। राजकुमार हिरानी की यह 2006 की हिंदी कॉमेडी-ड्रामा है।
लगे रहो मुन्ना भाई 2006 को दोबारा क्यों देखें
लगे रहो मुन्ना भाई 2006 मुन्ना भाई सीरीज़ की दूसरी फ़िल्म है, जो 2003 की मुन्ना भाई एम.बी.बी.एस. के बाद आई, पर पहली देखे बिना भी समझ आती है। संजय दत्त मुंबई के दबंग के रूप में और अरशद वारसी उसके वफ़ादार साथी सर्किट के रूप में लौटे हैं। विचार सीधा पर मुख्यधारा की कॉमेडी में असामान्य है: जो आदमी हर बात ताक़त से सुलझाता है, उसे सब्र का दर्शन थमा दिया जाए तो क्या होगा।
यह पहले से बन चुकी फ़िल्म का सूचीनुमा प्रीव्यू है, जो सार्वजनिक रिकॉर्ड से लिखा गया है। इस पेज के लिए हमने इसे दोबारा नहीं देखा, इसलिए यहाँ नया फ़ैसला नहीं, बस यह परिचय है कि फ़िल्म क्या है और कहाँ बैठती है।
बिना स्पॉइलर के कहानी की बुनियाद
मुन्ना की मुलाक़ात रेडियो जॉकी जान्हवी से होती है और उसका ध्यान पाने के लिए वह ख़ुद को गांधी-विचार का विद्वान बता देता है। झूठ बढ़ता है, नींद उड़ती है, और उसे महात्मा गांधी दिखने लगते हैं, जिनकी भूमिका दिलीप प्रभावळकर ने निभाई है और जो उसके मार्गदर्शक बन जाते हैं। इसके बाद फ़िल्म मुन्ना को अहिंसक तरीक़ों से, जिन्हें कहानी गांधीगिरी कहती है, आम लोगों की रोज़मर्रा की परेशानियाँ सुलझाते दिखाती है।
बोमन ईरानी, दीया मिर्ज़ा, जिमी शेरगिल, कुलभूषण खरबंदा और सौरभ शुक्ला कलाकारों में हैं, और अभिषेक बच्चन का कैमियो है।
रिलीज़ तथ्य, पुरस्कार और कहाँ देखें
फ़िल्म 1 सितंबर 2006 को रिलीज़ हुई और विकिपीडिया के अनुसार लगभग 145 मिनट की है, हालाँकि अन्य साइटें थोड़ी अलग अवधि बताती हैं। इसने 54वें राष्ट्रीय फ़िल्म पुरस्कारों में चार पुरस्कार जीते, जिनमें संपूर्ण मनोरंजन देने वाली सर्वश्रेष्ठ लोकप्रिय फ़िल्म और दिलीप प्रभावळकर के लिए सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेता शामिल हैं, और फ़िल्मफ़ेयर में भी जीत मिली।
हमारे स्रोतों में मौजूदा स्ट्रीमिंग प्लेटफ़ॉर्म की पक्की जानकारी नहीं मिली। अपने देश में उपलब्धता के लिए जस्टवॉच जैसी सेवा देखें, और खोज में आने वाले अनधिकृत डाउनलोड पेजों से सावधान रहें।
फ़िल्म के पीछे के लोग और किसे पसंद आएगी
निर्देशन और संपादन राजकुमार हिरानी का है, पटकथा में अभिजात जोशी साझेदार हैं, और निर्माता विधु विनोद चोपड़ा हैं। संगीत शांतनु मोइत्रा का है और गीत स्वानंद किरकिरे के, जिन्हें गीत बंदे में था दम के लिए सर्वश्रेष्ठ गीतकार का राष्ट्रीय पुरस्कार मिला।
यह सामाजिक विचार वाली कॉमेडी पसंद करने वालों, परिवार के साथ देखने वालों और हिरानी के काम को समझने वालों के लिए है।
किसे पसंद आएगी लगे रहो मुन्ना भाई?
- सामाजिक विचार पर टिकी कॉमेडी पसंद करने वाले दर्शक
- परिवार के साथ देखने के लिए साफ़-सुथरी लोकप्रिय हिंदी फ़िल्म ढूँढ़ने वाले
- राजकुमार हिरानी की फ़िल्मोग्राफ़ी देखने वाले
ट्रेलर
Lage Raho Munna Bhai | Official Trailer – ट्रेलर · चैनल: Vidhu Vinod Chopra Films
कलाकार
- Sanjay Dutt Murli Prasad Sharma (Munna Bhai)
- Arshad Warsi Sarkeshwar (Circuit)
- Vidya Balan Janhvi
- Boman Irani Lucky Singh
- Dilip Prabhavalkar Mahatma Gandhi
- Dia Mirza Simran Singh
- Jimmy Sheirgill Victor D'Souza
- Kulbhushan Kharbanda Khurana
सवाल-जवाब
क्या पहले मुन्ना भाई एम.बी.बी.एस. देखना ज़रूरी है?
लगे रहो मुन्ना भाई सीरीज़ की दूसरी फ़िल्म है, पर गांधी दिखने वाले गुंडे की इसकी अपनी कहानी इसी में समझाई गई है, इसलिए पहली फ़िल्म ज़रूरी नहीं।
लगे रहो मुन्ना भाई ने कौन-से पुरस्कार जीते?
इसने 54वें राष्ट्रीय फ़िल्म पुरस्कारों में चार पुरस्कार जीते, जिनमें सर्वश्रेष्ठ लोकप्रिय फ़िल्म और दिलीप प्रभावळकर के लिए सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेता शामिल हैं।
लगे रहो मुन्ना भाई कब रिलीज़ हुई?
लगे रहो मुन्ना भाई 1 सित॰ 2006 को रिलीज़ हुई।
लगे रहो मुन्ना भाई के निर्देशक कौन हैं?
लगे रहो मुन्ना भाई के निर्देशक Rajkumar Hirani हैं।
लगे रहो मुन्ना भाई कितनी लंबी है?
लगे रहो मुन्ना भाई की अवधि 145 मिनट है।